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Monday, May 10, 2010

9 तरीके जानने के : क्या आप इन्टरनेट कीड़ा हो गए हैं !!

कैसे पहचानें कि अब आप एक इन्टरनेट कीड़ा हो गए हैं !!

जी हाँ, दोस्तों ब्लॉगिंग अब एक महामारी की तरह से बढ़ रही है. लोग परेशान हो रहे हैं.

पत्नी परेशान है कि कैसे इनकी ब्लॉगिंग की लत छुडाऊँ. घर में रोटी नहीं ई-गुरु बनने चले हैं.

बेटा परेशान सा बाप की कुर्सी के पीछे खडा है कि ये उठें तो मैं अपना ब्लॉग देखूं.

पत्नी कि ब्लॉगिंग से पति परेशान कि इनका वाचन ख़तम हो तो रोटी मिले.

ये बिलागिंग बड़ा ही भारी रोग हो चुका है भारत में. अब तक 6000 रोगियों कि पहचान हो चुकी है.

कैसे जानें इस रोग के लक्षण को. बहुत ही ज़रूरी है यह जानना ताकि आप अपना इलाज समय पर करवा सकें.

1. किसी की शादी में आप अपने पति को 'एडमिनिस्ट्रेटर' और बेटे को 'मोडरेटर' बता कर परिचय दें.

2. जब किसी से मिलने पर आपके मुंह से "जय राम जी की" के जगह पर "जय गूगल जी की" निकल जाए.

3. जब आप अपनी खांसी की दवा भी अपने ई-गुरु राजीव से पूछें.

4. जब आपकी पत्नी को खाना खिलाने लिए ई-मेल करके आपको बुलाना पड़ता हो.

5. जब आप किसी से -- अरे यार, फोटो देखिये -->



6. जब आपकी पत्नी दूसरी महिला से आपके बारे में कहे कि -- अरे सखी ! मेरे वो तो अब सुबह की कुल्ली भी पहली पोस्ट पब्लिश करके ही करते हैं.



दूसरी महिला - ये ई-गुरु तो बरबाद करके ही छोड़ेगा मेरे पति को, कल मेरे पति को फोटो लगना सिखाया था और आज विडियो लगाना भी सिखा दिया है.

और ये अब एक आर्टिकल में फोटो तो दूसरे में विडियो लगा रहे हैं.
और तो जैसे कोई काम रह ही नहीं गया है.

बच्चे की फीस इन्टरनेट में घुसा दी है. ये ई-गुरु तो बस पैसा डुबोना ही बता रहा है, कमाना तो बिल्कुल भी नहीं.

(वैसे मुझ पर बहुत ही बड़े-बड़े आरोप लगाए हैं आप सभी ने. साथियों बहुत ही जल्द मैं कमाई की भी बात करूंगा.)

7. जब आप किसी को बीच सड़क पर धिक्कारने लगें कि -- क्या !! तुम्हारा कोई ब्लॉग नहीं है !! (बेवकूफ औरत)



8. जी आप का एड्रेस क्या है, सुनते ही आप के मुंह से निकल जाए - ****@gmail.com
या फ़िर आप बोल जाएँ - *****.blogspot.com

9. जब आप किसी से मिलते ही उसका URL एड्रेस (Blog Address) पूछ बैठें.

Sunday, May 9, 2010

चिट्ठे का विषय किस प्रकार से चुनें ?

पिछला लेख था कि किसी भी ब्लॉग का विषय निर्धारित क्यों होना चाहिये ?

अब आप यह जानिए कि किसी भी ब्लॉग का विषय किस प्रकार से चुनना चाहिये.

यह प्रश्न यदि इस प्रकार से देखें कि आप किस विषय पर लिखना अधिक पसन्द करेंगे, तो आप को समझने में ज्यादा सरलता होगी.

यदि आप कुछ समय से ब्लॉगिंग कर रहे हैं तो आप अपने लेखों को देखकर यह सहजता से अनुमान लगा सकते हैं कि आप किस विषय पर लिखना अधिक पसन्द करेंगे.

आप की सरलता के लिए कुछ विषयों की एक सूची भी मैंने बना दी है, आप इनमें से अपनी पसन्द के विषय सरलतापूर्वक चुन सकते हैं.

यह इस प्रकार है ---

1. भाषा-साहित्य

2. हास्य-व्यंग्य

3. कविता

4. सम-सामयिक

5. तकनीक

6 . संगीत-मनोरंजन

7. धर्म-अध्यात्म

8. फ़िल्म-टेलीविजन

9. आत्म-विकास

10. समीक्षा

11. जीवन-शैली

12. खेल-कूद

13. संस्मरण

14. पूँजी-निवेश

15. फोटो-पेंटिंग

16. चुटकुले और हास्य-व्यंग्य

17. घर-संसार

18. कार्टून

19. सैर-सपाटा

20. कथा-कहानी

21. सौंदर्य

22. विज्ञान

23. राजनीति

24. सेहत

मुझे लगता है कि आप जिस किसी विषय पर लिखना चाहें वह इसमें सरलता से मिल जायेगा. आप इनमें से अपनी पसन्द का कोई एक विषय चुन सकते हैं.

और हाँ, इस बात का पूरा ख़याल रखियेगा कि आपके लेख उसी विषय पर ही केंद्रित रहें.

यदि आप ने 'राजनीति' विषय चुन लिया है तो उसी पर लिखें परन्तु आप यदि कोई अपनी लिखी कहानी को भी नेट पर डालना चाह रहे हैं तो उसे एक नए ब्लॉग में लिखें.

इस बात से मत घबराएं कि यदि आप दूसरी कहानी नहीं लिखेंगे तो आप का वह एक कहानी वाला ब्लॉग चिट्ठों की आने वाली बाढ़ में कहीं दब-छिप जायेगा.

इसका उपाय है कि आप दोनों ब्लॉगों को एक दूसरे पर लिंक दे दें. इससे दोनों एक दूसरे का प्रचार करेंगे.

आइये अब एक उदाहरण से भी समझिये कि सही विषय का चुनाव एक ब्लॉग को किस प्रकार से ऊँचाइयों पर ले जाता है --

एक ब्लॉग है ' थोड़ा सा सुकून ' ( मैं इस पर अक्सर गाने सुनने के लिए जाता हूँ. नए पुराने हर तरह के सुपर हिट गाने हैं जिन्हें सुनकर दिल खुश हो जाता है.

इस ब्लॉग का विषय है - गाने.

मात्र फिल्मी गीतों पर आधारित यह ब्लॉग ब्लॉग-जगत में अत्यन्त लोकप्रिय है. कम समय में ही इस ब्लॉग ने अच्छी प्रसिद्दि पायी है, मात्र अपनी विषय-वस्तु के कारण.

एक पुराना चिट्ठा है 'सारथी' यह एक सामाजिक चिट्ठा है. यह सामाजिक समस्याओं को हमेशा उठता रहता है और विभिन्न प्रकार की जानकारियाँ भी देता है. अपनी सामाजिकता के कारण यह अत्यन्त लोकप्रिय है. --

यहाँ पर आप चुटकुले नहीं पाएँगे और न ही तकनीकी लेख जैसे की मैं लिखता हूँ. यहाँ पर बहुत ही शिक्षाप्रद, संस्कार और ज्ञान की बातें होती हैं. आप जरूर देखें.

इसमें आप 'सिंह इज किंग' का मूवी रिव्यू भी नहीं पायेंगे.

अंत में,
संक्षिप्त में कहूं तो विषय-वस्तु का चुनाव केवल किस विषय पर लिखने पर ही निर्भर नहीं करता है बल्कि यह बात भी उतनी ही महत्वपूर्ण है कि हमें क्या नहीं लिखना चाहिये.

आप ब्लॉगिंग क्यों करना चाहते हैं !

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" ब्लॉग्स पण्डित " ( ब्लॉगिंग का जानकार )

टेक पाठ !!

S.E.O.वाला !!

टेक टब !! आओ सीखें ब्लॉग बनाना.

टेक बात !! हर तकनीक सनसनी आप तक

टेम्पलेट्स कट !!

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